अपना बना लो मुझे
कैसे कहूँ की अपना बना लो मुझे , बाँहों में अपनी समा लो मुझे, बिन तुम्हारे एक पल भी अब कट ता नहीं, तुम आ कर मुझि से चुरा लो मुझे, ज़िन्दगी तो वह है सन्ग तुम्हारे जो गुज़रे, दुनिया के गमों से अब चुरा लो मुझे, मेरी सब से गहरी खुवाहिश हो पूरी, तुम अगर पास अपने बुला लो मुझे यह कैसा नशा है जो बहका रहा है,, तुम्हारा हूँ मैं तो संभालो मुझे नजाने फिर कैसे गुज़रे ज़िंदगानी अगर अपने दिल से कभी तुम निकालो मुझे